🌳⛳ *सुप्रभात🌞वन्दे मातरम्*⛳🌳
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वैशाख मास,कृष्ण पक्ष, *दशमी*,उ.भा.नक्षत्र,सूर्य उत्तरायण,ग्रीष्म ऋतु,युगाब्ध ५१२३,विक्रम संवत-२०७८,
शुक्रवार, ०४ जून २०२१.
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*प्रभात दर्शन*
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*"धन की तरह ख्याति और मान-प्रतिष्ठा की महत्वाकांक्षा भी संसार में भारी विपत्ति उत्पन करने वाली सिद्ध होती है। पद, सत्ता और अधिकार के लोभ में उतने ही अनर्थ होते हैं, जितने धन-लिप्सा से होते हैं। सच बात यह है कि बिना पदाधिकारी बने कोई भी व्यक्ति किसी संस्था की अधिक ठोस सेवा कर सकता है, पर लोगों को सेवा की नहीं, प्रतिष्ठा की भूख रहती है, फलस्वरूप सार्वजनिक संगठनों को कलह का अखाड़ा बनाते और दुर्गतिग्रस्त होते आए दिन देखा जाता है।"*
*श्रीराम शर्मा आचार्य जी*
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*🚩🐅आपका दिन मंगलमय हो🐅🚩*
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