🌳⛳ *सुप्रभात🌞वन्दे मातरम्*⛳🌳
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वैशाख मास,कृष्ण पक्ष, *अष्टमी*,शतभिषा नक्षत्र,सूर्य उत्तरायण,ग्रीष्म ऋतु,युगाब्ध ५१२३,विक्रम संवत-२०७८,
बुधवार, ०२ जून २०२१.
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*प्रभात दर्शन*
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असूयको दन्दशूको
निष्ठुरो वैरकृच्छठः।
स कृच्छं महदाप्नोति
नचिरात् पापमाचरन् ॥
*भावार्थ :- अच्छाई में बुराई देखने वाला, उपहास उड़ाने वाला, कड़वा बोलने वाला, अत्याचारी, अन्यायी तथा कुटिल पुरुष... पाप कर्मो में लिप्त रहता है और शीघ्र ही मुसीबतों से घिरकर नष्ट हो जाता है।*
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*🚩🐅आपका दिन मंगलमय हो🐅🚩*
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