🌳⛳ *सुप्रभात🌞वन्दे मातरम्*⛳🌳
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ज्येष्ठा मास,शुक्ल पक्ष, *अष्टमी*,उ.फा.नक्षत्र,सूर्य उत्तरायण,ग्रीष्म ऋतु,युगाब्ध ५१२३,विक्रम संवत-२०७८,
शुक्रवार, १८ जून २०२१.
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*प्रभात दर्शन*
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*"कोई भी सम्बन्ध आत्मीय अनुभूति के बल पर ही टिकते हैं। जहाँ गहरी आत्मीयता नही, वो सम्बन्ध ही नही हैं, मात्र दिखावा है इसीलिए कहा गया है कि सम्बन्ध रक्त से नहीं, परिवार से नही, मित्रता से नही, व्यवहार से नही, अपितु.. मात्र आत्मीय अनुभूति से ही बनते और निर्वहन किए जाते हैं। जहाँ अनुभूति ही नहीं, आत्मीयता ही नहीं .. वहाँ अपनापन कहाँ से आएगा"*
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*🚩🐅आपका दिन मंगलमय हो🐅🚩*
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