🌳⛳ *सुप्रभात🌞वन्दे मातरम्*⛳🌳
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भाद्रपद मास,शुक्ल पक्ष, *पूर्णिमा*,पू.भा.नक्षत्र,सूर्य दक्षिणायन,वर्षा ऋतु,युगाब्ध ५१२३,विक्रम संवत-२०७८,
सोमवार, २० सप्टेंबर २०२१.
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*प्रभात दर्शन*
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*जीवन में हमारे दो बड़े शत्रु हैं, अगर हमें किन्ही शत्रुओं से बचना है तो वो चिंता और क्रोध से बचना है। चिंता से मस्तिष्क एवं वर्तमान दुर्बल होता है और चिंता के कारण उतपन्न क्रोध से सम्बन्ध खराब होते है।*
*सचेत रहिये, क्योंकि पल भर का क्रोध एवं व्यर्थ की चिंता हमारा पूरा भविष्य बिगाड़ सकती है।*
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*🚩🐅आपका दिन मंगलमय हो🐅🚩*
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