🌳⛳ *सुप्रभात🌞वन्दे मातरम्*⛳🌳
🦋🦚🌹🌻🦢🛕🦢🌻🌹🦚🦋
अषाढ़ मास,शुक्ल पक्ष, *चतुर्थी*,पू.फा.नक्षत्र,सूर्य उत्तरायण,ग्रीष्म ऋतु,युगाब्ध ५१२३,विक्रम संवत-२०७८,
बुधवार, १४ जुलै २०२१.
🕉~~~~~~~~~~~~~~~~~~~🕉
*प्रभात दर्शन*
~~~~~~~~~~~~~~~~~~~~~~~
कोऽतिभारः समर्थानां,
किं दूरं व्यवसायिनाम्।
को विदेशः सुविद्यानां,
कः परः प्रियवादिनाम्।।"
*भावार्थः- समर्थ व्यक्ति के लिए कोई कार्य कठिन नहीं है, व्यवसायी के लिए कोई स्थान दूर नहीं है, विद्वान के लिए कोई देश विदेश नहीं है, प्रियवादी के लिए कोई व्यक्ति पराया नहीं है।*
~~~~~~~~~~~~~~~~~~~~~~~
*🚩🐅आपका दिन मंगलमय हो🐅🚩*
~~~~~~~~~~~~~~~~~~~~~~~
कोणत्याही टिप्पण्या नाहीत:
टिप्पणी पोस्ट करा