🌳⛳ *सुप्रभात🌞वन्दे मातरम्*⛳🌳
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जेष्ठ मास,कृष्ण पक्ष, *अमावस्या*,आद्रा नक्षत्र,सूर्य उत्तरायण,ग्रीष्म ऋतु,युगाब्ध ५१२३,विक्रम संवत-२०७८,
शुक्रवार, ०९ जुलै २०२१.
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*प्रभात दर्शन*
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एकान्तेन हि विश्वासः
कृत्स्नो धर्मार्थनाशकः।
अविश्वासश्च सर्वत्र
मृत्युना च विशिष्यते।।
*भावार्थः- "किसी पर अत्यधिक विश्वास करना, धर्म और अर्थ दोनों का नाश करने वाला होता है और सर्वत्र अविश्वास भी मृत्यु से बढ़कर है। अर्थात अत्यधिक विश्वास एवं अविश्वास दोनों ही हानिकारक है। सावधानी आवश्यक है।*
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*🚩🐅आपका दिन मंगलमय हो🐅🚩*
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