🌳⛳ *सुप्रभात🌞वन्दे मातरम्*⛳🌳
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वैशाख मास,कृष्ण पक्ष, *द्वितीय*,मूल नक्षत्र,सूर्य उत्तरायण,ग्रीष्म ऋतु,युगाब्ध ५१२३,विक्रम संवत-२०७८,
शुक्रवार, २८ मे २०२१.
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*प्रभात दर्शन*
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*"शुद्ध बनना और दूसरों की भलाई करना ही सब उपासनाओं का सार है। जो गरीबों, निर्बलों और पीडितों में शिव को देखता है, वही वास्तव में शिव का उपासक है, किन्तु यदि वह केवल मूर्ति में ही शिव को देखता है तो यह उसकी उपासना आरम्भ मात्र है।”*
*स्वामी विवेकानंद*
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*🚩🐅आपका दिन मंगलमय हो🐅🚩*
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