🌳⛳ *शुभ प्रभात🌞वन्दे मातरम्*⛳🌳
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पौष मास,शुक्ल पक्ष,*पँचमी*,पू.भा.नक्षत्र,सूर्य दक्षिणायन,शिशिर ऋतु,युगाब्द ५१२३,विक्रम संवत-२०७८,
शुक्रवार, ०७ जानेवारी २०२२.
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*प्रभात दर्शन*
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*इस चराचर जगत में लक्ष्मी चंचला है अर्थात लक्ष्मी कहीं भी स्थिर नही रहती है, नष्ट हो जाती है अथवा हस्तांतरित हो जाती है। प्राण भी नाशवान है, जीवन और यौवन भी नष्ट होने वाले हैं। इस चराचर संसार में एकमात्र धर्म, राष्ट्र और संस्कृति ही है जो स्थिर है। अतः जो जीवन धर्म, राष्ट्र और संस्कृति की रक्षा के लिए अपना योगदान नही देता, ऐसा जीवन व्यर्थ हैं एवं पशु तुल्य है।*
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*🚩🐅आपका दिन मंगलमय हो🐅🚩*
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