🌳⛳ *शुभ प्रभात🌞वन्दे मातरम्*⛳🌳
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पौष मास,कृष्ण पक्ष, *चतुर्दशी*,मूल नक्षत्र,सूर्य दक्षिणायन,शिशिर ऋतु,युगाब्द ५१२३,विक्रम संवत-२०७८,
रविवार, ०२ जानेवारी २०२२.
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*प्रभात दर्शन*
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साधू ऐसा चाहिये,
जैसा सूप सुभाय,
सार सार को गहि रहे,
थोथा देय उडाय।
*भावार्थः- साधू अथार्त सज्जन मनुष्य का स्वभाव छाज की तरह होना चाहिये। जो श्रेष्ठ तत्वों अथार्त ज्ञान को ग्रहण करते हैं और निरर्थक बातों का त्याग कर देते हैं।*
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*🚩🐅आपका दिन मंगलमय हो🐅🚩*
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