🌳⛳ *सुप्रभात🌞वन्दे मातरम्*⛳🌳
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आषाढ मास,कृष्ण पक्ष, *दशमी*,रोहिणी नक्षत्र,सूर्य दक्षिणायन,वर्षा ऋतु,युगाब्ध ५१२३,विक्रम संवत-२०७८,
मंगलवार, ०३ आॕगष्ट २०२१.
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*प्रभात दर्शन*
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*"पेड़ कभी भी उसकी शाखा काटने से नहीं सूखता है। पेड़ हमेशा उसकी जड़ काटने से ही सूखता हैं…. वैसे ही मनुष्य किसी और के कुछ कहने से नही हारता है। मनुष्य की जड़ उसके कर्म, व्यवहार एवं वाणी होते हैं। इसलिए मनुष्य स्वयं अपने अनुचित कर्म, शुष्क अथवा दूषित व्यवहार एवं कटु वाणी से ही अप्रिय होकर समाज में हारता है।"*
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*🚩🐅आपका दिन मंगलमय हो🐅🚩*
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