🌳⛳ *सुप्रभात🌞वन्दे मातरम्*⛳🌳
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आषाढ मास,कृष्ण पक्ष, *द्वादशी*,आद्रा नक्षत्र,सूर्य दक्षिणायन,वर्षा ऋतु,युगाब्ध ५१२३,विक्रम संवत-२०७८,
गुरुवार, ०५ आॕगष्ट २०२१.
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*प्रभात दर्शन*
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*"ईश्वर केवल उसी की परीक्षा लेता है, जो परीक्षा देने के योग्य होता है, तो हम क्यो विचलित होते हैं ?? ... विश्वास कीजिये, विचलित होने पर ही हम ईश्वर के सर्वाधिक निकट होते हैं। शाखों पर कोपल भी तभी आती हैं, जब पतझड़ आता है। बिना संघर्ष के जीवन का कोई अर्थ नही, इन संघर्षो के मध्य भी जो मुख पर सदैव मुस्कान रखता है, वही वास्तव में पूर्ण मनुष्य है।"*
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*🚩🐅आपका दिन मंगलमय हो🐅🚩*
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