शनिवार, १६ ऑक्टोबर, २०२१

प्रभात दर्शन

 🌳⛳ *शुभ प्रभात🌞वन्दे मातरम्*⛳🌳

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अश्विन मास,शुक्ल पक्ष, *द्वादशी*,शतमिषा नक्षत्र,सूर्य दक्षिणायन,शरद ऋतु,युगाब्द ५१२३,विक्रम संवत-२०७८, 

रविवार, १७ आॕक्टोबर २०२१.

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                        *प्रभात दर्शन*

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आत्मार्थं जीवलोकेऽस्मिन् 

               को न जीवति मानवः,

परं परोपकारार्थं 

               यो जीवति स जीवति।।


*भावार्थः-  इस जीवलोक में स्वयं के लिए कौन मानव नहीं जीता ? अर्थात अपने लिए तो सभी जीते है। किन्तु जो मनुष्य परोपकार के लिए जीता है, वही जीवन सच्चे अर्थ में जीवन है।*

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*🚩🐅आपका दिन मंगलमय हो🐅🚩*

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