🌳⛳ *शुभ प्रभात🌞वन्दे मातरम्*⛳🌳
🦋🦚🌹🌻🦢🛕🦢🌻🌹🦚🦋
अश्विन मास,शुक्ल पक्ष, *द्वादशी*,शतमिषा नक्षत्र,सूर्य दक्षिणायन,शरद ऋतु,युगाब्द ५१२३,विक्रम संवत-२०७८,
रविवार, १७ आॕक्टोबर २०२१.
🕉~~~~~~~~~~~~~~~~~~~🕉
*प्रभात दर्शन*
~~~~~~~~~~~~~~~~~~~~~~~
आत्मार्थं जीवलोकेऽस्मिन्
को न जीवति मानवः,
परं परोपकारार्थं
यो जीवति स जीवति।।
*भावार्थः- इस जीवलोक में स्वयं के लिए कौन मानव नहीं जीता ? अर्थात अपने लिए तो सभी जीते है। किन्तु जो मनुष्य परोपकार के लिए जीता है, वही जीवन सच्चे अर्थ में जीवन है।*
~~~~~~~~~~~~~~~~~~~~~~~
*🚩🐅आपका दिन मंगलमय हो🐅🚩*
~~~~~~~~~~~~~~~~~~~~~~~
कोणत्याही टिप्पण्या नाहीत:
टिप्पणी पोस्ट करा