शुक्रवार, १५ ऑक्टोबर, २०२१

प्रभात दर्शन

 🌳⛳ *शुभ प्रभात🌞वन्दे मातरम्*⛳🌳

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अश्विन मास,शुक्ल पक्ष, *एकादशी*,धनिष्ठा नक्षत्र,सूर्य दक्षिणायन,शरद ऋतु,युगाब्द ५१२३,विक्रम संवत-२०७८, 

शनिवार, १६ आॕक्टोबर २०२१.

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                       *प्रभात दर्शन*

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सुखमापतितं सेव्यं 

               दु:खमापतितं तथा,

चक्रवत् परिवर्तन्ते 

               दु:खानि च सुखानि च।।


*भावार्थः- जीवन में आने वाले सुख का भरपूर आनंद ले तथा दु:ख को भी सहर्ष स्वीकार करें। सुख और दु:ख तो एक के बाद एक चक्रवत् आते जाते रहते हैं, क्योंकि परिवर्तन संसार का नियम है।।*

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*🚩🐅आपका दिन मंगलमय हो🐅🚩*

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