🌳⛳ *शुभ प्रभात🌞वन्दे मातरम्*⛳🌳
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अश्विन मास,शुक्ल पक्ष, *एकादशी*,धनिष्ठा नक्षत्र,सूर्य दक्षिणायन,शरद ऋतु,युगाब्द ५१२३,विक्रम संवत-२०७८,
शनिवार, १६ आॕक्टोबर २०२१.
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*प्रभात दर्शन*
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सुखमापतितं सेव्यं
दु:खमापतितं तथा,
चक्रवत् परिवर्तन्ते
दु:खानि च सुखानि च।।
*भावार्थः- जीवन में आने वाले सुख का भरपूर आनंद ले तथा दु:ख को भी सहर्ष स्वीकार करें। सुख और दु:ख तो एक के बाद एक चक्रवत् आते जाते रहते हैं, क्योंकि परिवर्तन संसार का नियम है।।*
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*🚩🐅आपका दिन मंगलमय हो🐅🚩*
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