गुरुवार, २८ ऑक्टोबर, २०२१

प्रभात दर्शन

 🌳⛳ *शुभ प्रभात🌞वन्दे मातरम्*⛳🌳

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अश्विन मास,कृष्ण पक्ष, *सप्तमी*,पुनर्वसु नक्षत्र,सूर्य दक्षिणायन,शरद ऋतु,युगाब्द ५१२३,विक्रम संवत-२०७८, 

गुरुवार, २८ आॕक्टोबर २०२१.

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                        *प्रभात दर्शन*

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अस्थिरं जीवितं लोके 

                 अस्थिरे धनयौवने,

अस्थिरा: पुत्रदाराश्र्च 

                धर्मकीर्तिद्वयं स्थिरम्।।


*भावार्थः- इस जगत में जीवन सदा नहीं रहने वाला है, धन और यौवन भी सदा नहीं रहने वाले हैं, पुत्र और स्त्री भी सदा नहीं रहने वाले हैं। केवल धर्म और कीर्ति ही सदा-सदा के लिए रहते हैं।*

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*🚩🐅आपका दिन मंगलमय हो🐅🚩*

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