🌳⛳ *शुभ प्रभात🌞वन्दे मातरम्*⛳🌳
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फाल्गुन मास,शुक्ल पक्ष,*अष्टमी*,कृतिका नक्षत्र,सूर्य उत्तरायण,बसन्त ऋतु,युगाब्द ५१२३,विक्रम संवत-२०७८,
मंगलवार, १० मार्च २०२२.
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*प्रभात दर्शन*
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दानं भोगं नाशस्तिस्रोत
गतयो भवन्ति वित्तसय,
यो न ददाति न भुड़:क्ते
तस्ये तृतिया गतिर्भवति।
*अर्थ- धन की संभव नियति तीन प्रकार की होती है- दान, भोग और नाश। जो ना दान करता है और ना ही स्वयं उसका उपयोग करता है उसके धन की तीसरी गति होती है अर्थात उस धन का नाश होना है।*
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*🚩🐅आपका दिन मंगलमय हो🐅🚩*
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