🌳⛳ *शुभ प्रभात🌞वन्दे मातरम्*⛳🌳
🦋🦚🌹🌻🦢🛕🦢🌻🌹🦚🦋
कार्तिक मास,कृष्ण पक्ष, *प्रथम*,रोहिणी नक्षत्र,सूर्य दक्षिणायन,हेमन्त ऋतु,युगाब्द ५१२३,विक्रम संवत-२०७८,
शनिवार, २० नोव्हेंबर २०२१.
🕉~~~~~~~~~~~~~~~~~~~🕉
*प्रभात दर्शन*
~~~~~~~~~~~~~~~~~~~~~~~
अन्तर्गत मलो दुष्टस्
तीर्थ स्नान शतैरपि,
न शुद्ध यति यथा भाण्डं
सुरया दाहितं च तत्॥
*भावार्थः- जिस प्रकार सुरापात्र को अग्नि में जलाने पर भी वह शुद्ध नहीं होता। इसी प्रकार जिस दुष्ट व्यक्ति के मन में मैल है, वह दुष्ट चाहे सैकड़ों तीर्थ - स्नान आदि कर ले, किन्तु वह कभी शुद्ध नहीं हो सकता।*
~~~~~~~~~~~~~~~~~~~~~~~
*🚩🐅आपका दिन मंगलमय हो🐅🚩*
~~~~~~~~~~~~~~~~~~~~~~~
कोणत्याही टिप्पण्या नाहीत:
टिप्पणी पोस्ट करा