🌳⛳ *शुभ प्रभात🌞वन्दे मातरम्*⛳🌳
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कार्तिक मास,शुक्ल पक्ष, *द्वादशी*,उ.भा.नक्षत्र,सूर्य दक्षिणायन,हेमन्त ऋतु,युगाब्द ५१२३,विक्रम संवत-२०७८,
सोमवार, १५ नोव्हेंबर २०२१.
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*प्रभात दर्शन*
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स्वगृहे पूज्यते मूर्खः
स्वग्रामे पूज्यते प्रभुः,
स्वदेशे पूज्यते राजा
विद्वान्सर्वत्र पूज्यते॥
*भावार्थः- मूर्ख की अपने घर में पूजा होती है. मुखिया की अपने गाँव में पूजा होती है. राजा की अपने देश में पूजा होती है. लेकिन विद्वान की हर जगह पूजा होती है।*
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*🚩🐅आपका दिन मंगलमय हो🐅🚩*
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